क्या होंगे फायदे अगर भारत ने अपनाया कैशलैस इकोनामी ??

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क्या होंगे फायदे अगर भारत ने अपनाया कैशलैस इकोनामी ??

भारत विश्व में एक तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। साथ ही साथ विश्व में चीन के बाद भारत जनसंख्या में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुका है। ऐसी परिस्थिति में भ्रष्टाचार को समाप्त करना एक असंभव कार्य बनकर रह गया है।
ब्यूरोक्रेसी हो या राजनेता भ्रष्टाचार के कई मामले देश के इतिहास में मीडिया ने कई बार उजागर किए हैं।
4 फरवरी 2016 के टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 2015 में 2200 भ्रष्ट अधिकारियों की लिस्ट सीबीआई ने जारी की थी।
ठीक है दूसरी तरफ जहां लोग न्याय व्यवस्था पर विश्वास कर बैठे हैं वही हैदराबाद जज के घर से 3 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पाई गई थी।
यह सभी भ्रष्टाचार के मामलों का मुख्य कारण है लेन-देन में अपारदर्शिता ।

अगर सही मायने में भारत को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाना है तो भारत को कनाडा ,न्यूजीलैंड स्वीडन जैसे देशों का कैशलैस इकोनामी का अनुकरण करना चाहिए । कैशलैस इकोनामी बनने से पाई पाई का लेन-देन में पारदर्शकता आएगी और भ्रष्टाचार यदि हुआ भी तो जांच करने में देश की सभी इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी के लिए बाएं हाथ का खेल होगा।

आइए जानते हैं कैशलैस इकोनामी के फायदे…

1) भ्रष्ट अफसरों एवं राजनेताओं की काली कमाई पर आएगा 100% अंकुश..

2) पैसों की छपाई बंद होगी एवं कागज की बर्बादी 100% रुकेगी..

3) शत्रु देश नहीं छाप पाएंगे नकली नोट..

4) जेब कतरों से मिलेगा 100% छुटकारा

5) देश बनेगा 100% घोटालों से मुक्त

6) टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम

7) किडनैपिंग ,एक्सटॉर्शन एवं मर्डर जैसी घटना का ग्राफ घटेगा ..

8) भ्रष्टाचार भी 90% घटेगा..

9) बैंक हो या रेलवे स्टेशन, अस्पताल हो या शॉपिंग मॉल हर जगह की लंबी लाइनें होंगी गायब..

10) हर लेनदेन चाहे वह ₹1 हो या 1 करोड़ , सभी व्यवहार में आएगी 100% पारदर्शिता

11) भारत की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत

12) आतंकवाद होगा 100% समाप्त

13) नक्सलवाद की फंडिंग होगी समाप्त

14) इलेक्शन दौरान करोड़ों रुपए बांटने का सिलसिला होगा खत्म..

15) भारत में सक्रिय विदेशी गुप्तचर संस्था जो देश में अस्थिरता फैलाते हैं उनका नेटवर्क होगा समाप्त

16)भारत देश में लौट आएगा रामराज्य निसंकोच भारत बनेगा विश्व गुरु..