आखिर भारत से कहां लापता हो गयी 630,00,000 लाख लड़कियां ?

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आखिर भारत से कहां लापता हो गयी 630,00,000 लाख लड़कियां ?

 

आखिर भारत से कहाँ लापता हुई 63 मिलियन लडकियाँ..?

जानवरो की तस्करी से सभी परिचित है ।मगर आज पूरे विश्व मे एक बहुत भयानक कैंसर समाज मे बढ़ता नज़र आ रहा है और वह है मानव तस्करी ..!
आये दिन भारत से लाखो की संख्या में लड़कियां एवं महिलाएं लापता होती दिख रही है । देश भर में इतनी बड़ी संख्या में लापता होना एक बहुत बड़ा आर्गनाइज्ड क्राइम के रूप में दिखाई पड़ रहा है जो बहुत ही प्लानिंग से अंजाम दिया जा रहा है ।देश की इतनी विशाल पुलिस फ़ोर्स , विश्व की 4 थी बड़ी आर्मी , खुफिया तंत्र बड़े बड़े ngo होने के बावजूद आखिर 630,00,000 लड़कियां आखिर कहां हुई लापता ??

इन बड़ी संख्या को देखते हुए यह बात तो पक्की है कि मानव तस्करी कैंसर की तरह अपने पैर पसार रही है । यह मानव तस्करी हर राज्य में कम या ज्यादा प्रमाण में दिखाई पड़ रही है ।
आइए जानते है कि यह मानव तस्करी के पीछे की काली दुनिया । यह मानव तस्करी का मुख्य कारण है ब्लैक मार्केटिंग ऑफ ह्यूमन ऑर्गन्स । याने मानव तस्करी कर इन मनुष्य के सभी आंतरिक भाग जैसे दिल , आंख , आंत , किडनी आदि की तस्करी की जाती है जिसकी मांग अंतर्राष्ट्रीय मार्किट में लाखों एवं करोड़ो में होती है ।आइए जानते है कि एक इंसान की अंतरराष्ट्रीय कीमत क्या होती है …!

1) दिल -78,00,000

2) खून -1600 से 22,000 प्रति पिंट

3) किडनी – जिंदा हो तो 1,34,00,000

 

मरा हुआ हो तो 10,00,000 से 1,00,00,000 तक

4) बोन मेरो -15,00,000

5) लिवर -1,07,00,000

6) आंत – 1,70,000

7) गाल ब्लैडर – 81,000

8) आंखे -1,02,000

9) ह्यूमन एग -8,38,000

10) कोरोनरी आर्टरी -1,02,000
अगर ऊपर दिए सभी अंक जोड़ा जाए तो एक मनुष्य की कीमत ब्लैक मार्किट में औसतन 3,00,00,000 इतना होता है । यही कारण है आज इतने बड़े पैमाने पे मानव तस्करी हो रही है ।

(स्रोत –

These Are The Prices Of Human Organs In Black Market


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विदेशों में नोकरी का झांसा ...

मानव तस्करी के एजेंट्स हर जगह होते है ।इनका उद्देश होता है कि किसी तरह से बहला फुसला कर इनको इनके परिवार से प्रथम दूर ले जाना । दूर जाने के बाद प्रतिकार करना मुश्किल हो जाता है ।फिर नोकरी का झांसा देकर ,बड़े बड़े सपने दिखाकर इन्हें विदेशों में सप्लाई किया जाता है ।

प्यार का झांसा …

प्यार एक ऐसी चीज़ है जिसे 2 प्यार करने वालो को कोई नही रोक सकता ।प्यार का झांसा देकर भी लड़कियों की तस्करी की जाती है ।प्रथम तोह लड़की को इस बात की भनक भी नही लगने दी जाती ।मगर जैसे जैसे वह अपने परिवार से दूर हो जाती है ।फिर उनकी मदद मिलने के सभी रास्ते खत्म हो जाते है । उसके बाद वह लड़की असहाय हो जाती है ।फिर मानव तस्करी बड़ी आसानी से हो जाती है ।

गरीब घर के लड़कियां गायब करवाना..

यह पैटर्न थोड़ा अलग है ।इसमें कुछ आक्रामक या माफिया का साथ लेकर मानव तस्करी की जाती है ।इसमें वह परिवार शामिल है जो आर्थिक दृष्टि से कमजोर या गरीब हो । इनमें वह परिवार शामिल होते है जिन्हें कहीं से आसानी से मदद प्राप्त नही पाती ।ऐसे परिवार की लड़कियों को बड़ी आसानी से तस्करी की जाती है क्योंकि पुलिस में जाने से गरीब जनता डरती भी है और कोर्ट कचेरी के लिये उनके पास पर्याप्त धन राशि भी नहीं होती।

ऊपर दिए पैटर्न में लड़कियां खुद से उन तस्करों के एजेंट्स के जाल में फस जाती ।

आखिर तस्करी में लड़कियां की संख्या ज्यादा क्यों ???

मानव तस्करी में लड़कियां और महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा होती है ।उसका भी प्रमुख कारण है कि अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में हेल्थी याने स्वस्थ ह्यूमन ऑर्गन्स की ज्यादा मांग होती है ।बीमार या नशे वाले व्यक्ति के ऑर्गन्स का कोई मूल्य नही होता ।इसलिए लड़कियों एवं महिलाओं को चुना जाता है क्योंकि पुरुषों के मुकाबले वह नशे के आदि नही होते और उनके ऑर्गन्स का मूल्य अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बहुत ज्यादा होता है ।

लड़कियों को सलाह ..

हमारे समाज मे हमारे अडोस पड़ोस में अनगिनत लोग तरह तरह की प्रवृत्ति वाले होते है ।ऐसे में एजेंट्स कौन होते है यह पता लगा पाना बहुत कठिन होता है ।इनमें औरते और पुरुष दोनों का समावेश होता है । इसलिए आपके पास अगर अचानक कोई दोस्ती करता है या जान पहचान बनाता है तो सबसे पहले सावधान हो जाइए । हो सकता है वह कोई एजेंट का सहायक हो ??
हो सकता है वह आपकी जानकारी निकालने आया हो ?
14 से 20 उम्र की लड़के एवं लड़कियां प्यार में बह जाती है । उस लड़के के लिए इतने अंधे हो जाते है कि परिणाम को बिना सोचे समझे घर से पलायन कर जाती है । उसके बाद उसका लौट आना मुश्किल हो जाता है ।उसके बाद वह लड़की चाह कर भी वापस नही आ सकती ।

इसलिए लड़कियों को अपना हमसफर बहुत गहराई से जांच पड़ताल करके ही करनी चाहिए । अपने समाज मे काफी जान पहचान के परिवार होते है जिससे उनको जानना काफी आसान होता है । अंजान व्यक्ति के लिए अपना परिवार कभी न छोड़े …
ठीक उसी तरह नोकरी का लालच भी दिया जाएगा ।इसलिए नोकरी भी अपने जान पहचान के व्यक्ति से संपर्क करके ही नोकरी करे ।गलती से भी शहर ,राज्य एवं देश के बाहर जाकर नोकरी जाने की गलती नहीं करे ।