भाजपा नगरसेविका द्वारा आत्महत्या की कोशिश

0

भाजपा नगरसेविका द्वारा आत्महत्या की कोशिश

भाजपा नगरसेविका द्वारा आत्महत्या की कोशिश

भिवंडी: ११ फरवरी २०१९, सोमवार, को भाजपा नगरसेविका श्रीमती साखरबाई गेणु बागड़ेने भिवंडी महानगरपालिका की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
नगरसेविका के वार्ड में साठेनगर नाम का एक कस्बा है जो थोड़ी ऊँचाई पर है। इस वार्ड में पानी आता नही और यदि आता भी है तो कम दाब से आता है और पानी आपूर्ति का समय बहुत कम होता है जिससे साठेनगर के रहिवासियों को बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर नगरसेविका श्रीमती साखरबाई पिछले कई महीनों से सतत अधिकारियों से बातचीत और पत्राचार कर रही हैं, लेकिन भिवंडी महानगरपालिका इतनी ढीठ है कि उनके कानों पर जूं तक नही रेंग रही। भिवंडी महानगरपालिका को यह भलीभाँति पता है कि पानी की ठीक से आपूर्ति ना करके वह लोगों के “जीने का हक़” छीन रही है।
४ फरवरी २०१९ को नगरसेविका ने भिवंडी महानगरपालिका को पत्र लिखकर बता दिया था कि अगर भिवंडी महानगरपालिका के अधिकारियों ने इस समस्या का निवारण नहीं किया तो वह भिवंडी महानगरपालिका की इमारत से छलाँग लगाकर जान दे देंगी।
११ फरवरी २०१९, सोमवार को भिवंडी महानगरपालिका की बैठक में उन्होंने फिर पानी की समस्या को दूर करने पर जोर दिया लेकिन, भिवंडी महानगरपालिका के अधिकारियों से उचित उत्तर ना मिलने पर वह इमारत से छलांग लगाने के लिये दौड़ीं लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और भिवंडी महानगरपालिका के आयुक्त के सामने बैठा दिया। जहाँ वह बेहोश हो गईं उसके बाद उन्हें नज़दीकी सरकारी अस्पताल श्रीमती इंदिरा गाँधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उनकी तबियत पहले से बेहतर बताई जा रही है। नगरसेविका श्रीमती साखरबाई बहुत ही बुजुर्ग हैं और ऐसा कदम उठाने से उन्हें बहुत सारी स्वास्थ्य की तकलीफ हो सकती थी। लेकिन प्रश्न ज्यों का त्यों बना हुआ है क्या भिवंडी महानगरपालिका पानी की ठीक से आपूर्ति करके साठेनगरके लोगो को “जीने का हक़ देगी?”

महानगरपालिका को भारत के हिंदीभाषी राज्यों में नगर निगम कहा जाता है और नगरसेवक को पार्षद कहते हैं।