कांग्रेस का घोषणापत्र ही कांग्रेस को लोकसभा चुनाव हरा सकता है

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कांग्रेस का घोषणापत्र ही कांग्रेस को लोकसभा चुनाव हरा सकता है…

कांग्रेस का घोषणापत्र ही कांग्रेस को लोकसभा चुनाव हरा सकता है

Trueblitz.com ने महाराष्ट्र में चुनावों के खत्म होने के बाद किस पार्टी का पलड़ा भारी है यह जानने के लिये चाय की टपरियों और पान की दुकानों का रुख किया। अब आप पूँछेंगे चाय की टपरियाँ और पान की दुकानें ही क्यों तो वह इस लिये क्योंकि जो इस देश का बड़ा हिस्सा वोटरों का है वह गरीब है जो अमूमन अपनी थकान मिटाने के लिये चाय की टपरियों पर चाय पीते हैं और पान से अपने छोटे से शौक को भी पूरा करते हैं।
वोटरों के विचारों को समझने के लिये हमने कल्याण, अम्बरनाथ, भिवंडी, मुम्ब्रा और ठाणे इन शहरों को चुना है। जब हम वोटरों से बात कर रहे थे तो उनके वोट देने के मुद्दे क्या थे यह जानने की कोशिश की।
इस बातचीत के दौरान हमे पता चला कि इन चार शहरों में सीधी टक्कर बीजेपी और कांग्रेस के बीच में है, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस को भी क्रमशः बीजेपी और कांग्रेस का सहयोगी होने की वजह से उन्हें भी बीजेपी और कांग्रेस ही समझा जा रहा है।
वोटरों ने बीजेपी को नोटबंदी, जीएसटी और बेरोजगारी के लिये बहुत कोसा इसमें महाराष्ट्र में पिछले तकरीबन 10 वर्षों से शिक्षक भर्ती को रोक कर रखने के लिये कांग्रेस और बीजेपी को बराबर का दोषी करार दिया।
एक महत्वपूर्ण मुद्दे राफेल डील पर जब हमने सवाल पूछा तो इक्का दुक्का लोगों को छोड़कर बाकी सबने कहा कि, इस देश मे सही गलत का फैसला कोर्ट करती है और जब उच्चतम न्यायालय ने क्लीन चिट दे दी है तो उसपर सवाल उठाना बेमानी है।
इन सारी बातचीत में सबसे ज्यादा वोटर जो समाज के हर तबके से आते हैं उनका झुकाव ज्यादातर बीजेपी की ओर दिखा और उनका मानना है कि, इस सरकार में घोटाले नही हुये।
इस सवाल पर की कांग्रेस तो सत्ता में नही फिर भी उनसे इतनी नाराजगी क्यों तो जनसमुदाय के बड़े रोचक उत्तर मिले और उनमें से चार मुद्दों पर ज्यादा जोर उनके द्वारा दिया गया। एक बात यहाँ गौरतलब है कि ज्यादातर वोटरों ने कांग्रेस का घोषणापत्र आने के बाद कांग्रेस को वोट ना देने का मन बनाया। आईये आपको बताते है वो कौन से मुद्दे है जिसकी वजह से काँग्रेस के वोटर उनके हाँथो से फिसल गये।

1. अनुच्छेद 35A का समर्थन: कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में खुले तौर पर नही लिखा कि, वो अनुच्छेद 35A का वह खुला समर्थन करते हैं लेकिन अपने बयानों से उन्होंने हमेशा अनुच्छेद 35A को कश्मीर में लागू रखने की वकालत की है। यह भूमिका जो कांग्रेस ने ली है वह मतदाताओं को समझ मे नही आ रही है वह इसके पिछे का कारण जानना चाहते हैं कि, कांग्रेस हमेशा चिट भी मेरी, पट भी मेरी ऐसी दोहरी भूमिका में क्यों रहती है? अनुच्छेद 35A की वजह से कोई भारतीय कोई प्रॉपर्टी नही खरीद सकता लेकिन 98000 रोहिंग्या वहाँ बस गये और कांग्रेस उनके वहाँ बसने का समर्थन करती है लेकिन अनुच्छेद 35A की वजह से कोई भारतीय वहाँ खुद की प्रॉपर्टी खरीद करके बस सके उसका विरोध करती है।

2. जम्मू कश्मीर में फौज कम करेंगे: जम्मू कश्मीर में भारतीय संविधान केवल कुछ एक मामलों में ही लागू होता है, इसलिये जम्मू कश्मीर में फौज ही है जो वहाँ पर भारत और भारत के संविधान के अस्तित्व को दृढ़ता से लागू करती है। जम्मू कश्मीर में फौज को कम करने का वादा कांग्रेस ने किया है उससे वोटर चिढ़े हुये हैं।

3. एसाइलम लॉ यानि के माइग्रेशन लॉ को कमजोर करना: एसाइलम का मतलब है शरणार्थी, कांग्रेस ने शरणार्थियों के कानून को कमजोर करने का अपने घोषणापत्र में वादा किया है, और ज्यादा से ज्यादा शरणार्थियों को भारत मे बसाने के लिए शरणार्थियों के लिये आसानी पैदा करेंगे। कुछ जागरूक मतदाताओं को कांग्रेस के इस कानून को कमजोर करने को एक सोंची समझी साजिश लगी उन्होंने कहा कि लाखों रोहिंग्या और लगभग 5 करोड़ के आसपास अवैध बांग्लादेशी भारत मे ऐसे ही बस चुके हैं और भी शरणार्थी बसायेंगे तो जो यहाँ के भारतीय कहाँ जायेंगे। अगर ऐसे शरणार्थी गुनाह करेंगे तो अपराध नियंत्रण में करने के लिये इतनी पुलिस कहां से लाएगी सरकार? यह सारे सवाल है जो कांग्रेस के खिलाफ जा रहे हैं।

4. भारतीय दंड सहिंता के देशद्रोह वाली धारा 124A को खत्म करने का वादा: जनसमुदाय में यह प्रश्न है कि यदि कांग्रेस यह कानून खत्म कर देगी तो क्या सबको गद्दारी करने की आजादी होगी और ऐसे में पहले से ही राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और भारत माता की जय के नाम पर राजनेता शेखचिल्ली की तरह लड़ रहे हैं तो यह कानून खत्म हो जाने के बाद यह परस्थिति और विकट हो जायेगी। ऐसे में यह ऊपर दिए गए सभी घोषणाओं में यह सबसे बड़ा गलाघोंटू घोषणा कांग्रेस के लिए साबित हो रही है जिसको वोटर सबसे गलत घोषणा मानते है और इसके लिए कांग्रेस को वोट नही देना चाहते हैं।

Truebltiz.com ने समाज के हर तबके से बातचीत की और यह आश्चर्यजनक बात निकल कर आई कि, जो कांग्रेस का परम्परागत वोटर है उपर्युक्त चार मुद्दों पर कांग्रेस पर उनकी भौहें चढ़ी हुई है और वह कांग्रेस को वोट नही कर रहे हैं।

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