डॉक्टर हज़र खान, जज पर ही रेप का झूठा मामला दर्ज करवाना चाहता था

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डॉक्टर हज़र खान ,जज पर ही रेप का झूठा मामला दर्ज करवाना चाहता था

हिन्दू युवती से शादी कर उसे बना लिया ढाल

अभी तक हम सभी ने पाकिस्तानी हनी ट्रैप के बारे में काफी खबर हमने सुनी थी। जिसमें दुश्मन देश पाकिस्तान खूबसूरत हसीनाओं का इस्तेमाल कर देश के बड़े अफसरों से जानकारी निकलवाने के लिए इस्तेमाल करता है।
मगर हनी ट्रैप और ब्लैकमलिंग का मामला अब हमारे देश के न्यायाधीश को भी झेलना पड़ रहा है।
गुरुग्राम से एक 44 वर्षीय फर्जी डॉक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस डॉक्टर का नाम हजर खान बताया जा रहा है। यह डॉक्टर नोहा के तौर का रहने वाला बताया जा रहा है। हजर खान ने एक हिंदू युवती को अपने यूनानी क्लीनिक पर काम के लिए रखा था। फिर हजर खान ने उस हिन्दू युवती को जबरदस्ती पहले धर्मांतरण कराया और फिर शादी करने का दबाव बनाया। शादी के बाद वह उसे मारता और पीटता भी था। युवती ने पुलिस से अपनी शिकायत में बताया कि वह उससे अप्राकृतिक संबंध भी बनाता था। हजर खान ने युवती से शादी करने के बाद पुलिस प्रोटेक्शन भी ले रखी थी। उसके लिए हजर खान ने युवती को पंजाब और हरियाणा कोर्ट में एक पिटीशन भी फाइल करने को कहा था।

2018 से हजर खान ने ब्लैक मेलिंग द्वारा पैसे कमाने का रास्ता चुन लिया था। इसके लिए वह अपनी बीवी से अन्य पुरुषों पर रेप केस दाखिल करवाके उन्हें फंसाने के लिए कहता था।

पिछले महीने उसके बीवी ने कुछ पुरुषों पर गैंग रेप करने की शिकायत दर्ज कराई थी।महिला की शिकायत पर महिला पुलिस स्टेशन में 376 D, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

30 जून को महिला को स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने के लिए कोर्ट भेजा गया था। स्टेटमेंट रिकॉर्ड करने में काफी समय लग गया था। इसे देखते ही हजरत खान ने अपने ही बीवी पर जज के साथ संबंध करने के झूठे आरोप भी लगाए।
जुलाई 1 को हजर खान अपनी बीवी को चंडीगढ़ के एक वकील के पास ले गया और उस जज पर झूठा मामला दर्ज करने के लिए दबाव बनाया। महिला ने शिकायत दर्ज करने से सीधे मना कर दिया । महिला के मना करने पर हजरत खान ने अपनी ही बेटी को जान से मार देने की धमकी दे डाली।
मामले की गंभीरता को देख महिला ने अपने एक रिश्तेदार की मदद से मानेसर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बुधवार को हजर खान पर आईपीसी धारा 193, 295A, 313, 498 A, 384, 377, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया।

 

स्रोत : टाइम्स ऑफ इंडिया, 4 जुलाई 2019