डूब गया भविष्य का फौजी

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डूब गया भविष्य का फौजी

रविवार का दिन १० फरवरी २०१९ भिवंडीवासियों के लिये बुरी खबर लेकर आया। आपको बता दें कि, बालाजी नगर, भिवंडी  रहिवासी परवेज़ खान के १९ वर्ष के पुत्र फरमान खान का भिवंडी महानगरपालिका द्वारा संचालित स्विमिंग पूल में डूबने के कारण मृत्यु हो गयी। श्री परवेज खान के तीन पुत्र और एक पुत्री है जिसमे बड़ा बेटा शहबान खान भारतीय फौज में कार्यरत हैं। सबसे छोटे पुत्र फरमान जिनकी डूबने से मृत्यु हो गयी वह एनसीसी में थे और लिखित, फिजिकल और मेडिकल परीक्षा पास करके भारतीय फौज में चुन लिये गए थे। अगले महीने मार्च २०१९ से उनकी ट्रेनिंग शुरु होनेवाली थी।
रविवार, १० फरवरी २०१९ को दोपहर वह टावरे स्टेडियम के पास महानगपालिका द्वारा संचालित स्विमिंग पूल में तैराकी के लिये गये और वहाँ उनकी डूबने से मृत्यु हो गयी। इस खबर ने लोगो को अचंभित कर दिया और उनके परिवार के मन मे शंका पैदा कर दी क्योंकि फरमान बहुत अच्छे तैराक थे और भिवंडी के वरहालदेवी जैसे बड़े बड़े तलाबों को तैरकर पार कर लिया करते थे। पोस्टमॉर्टम में फेफड़े में पानी भरने की वजह से मौत की पुष्टि हुई है लेकिन परिवार को इसमें साजिश की शंका है। मामला भोईवाड़ा पुलिस थाने में दर्ज है और पुलिस ने सीसीटीवी जब्त की तो पाया कि रिसेप्शन काउंटर को छोड़कर और कोई भी सीसीटीवी नही चल रहा था इसलिये फरमान के पानी मे डूबने का कोई भी वीडियो नही मिल पाया है।
गौरतलब है कि, भिवंडी महानगरपालिका ने यह स्विमिंग पूल कॉन्ट्रैक्ट पर दे रखा है और इस स्विमिंग पुल में पहले भी मौतें हो चुकी हैं और सुरक्षा के लिहाज से दुर्घटना के वक़्त ना तो लाईफ़गॉर्ड मौजूद था ना कोई किट। सीसीटीवी भी बंद था काम नही कर रहा था। फरमान के परिजनों ने बताया कि, स्विमिंग पूल का पानी बहुत गंदा है जो उनके पास मौजूद स्विमिंग पूल के फोटो में देखा जा सकता था। भिवंडी महानगरपालिका इस मौत को लेकर सवालों के घेरे में है और भिवंडी रहिवासियों का आरोप है कि, महानगपालिका ने डूबने से इतनी मौतें होने के बावजूद स्विमिंग पूल को कांट्रेक्टर से अपने कब्जे में क्यों नही लिया, ना ही इतने सालों में उन्होंने कोई ऑडिट की अगर कांट्रेक्टर और महानगरपालिका अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाती तो शायद आज फरमान जिंदा होता।
फरमान के पिता परवेज खान जी का कहना है कि, यदि उनका पुत्र फौज में भर्ती होने के बाद मातृभूमि की रक्षा के लिये दुश्मन की गोली से शहीद हो जाता तो उनके लिये यह गर्व की बात होती, लेकिन इस तरह उन्हें अपने जिगर के टुकड़े का जुदा होना बिल्कुल भी मान्य नही है। फरमान की माँ की तबियत बहुत बिगड़ चुकी है रह रहकर बेहोश हो जाती हैं। फरमान के परिवार वालों की माँग है कि,
स्विमिंग पूल को तुरंत बंद किया जाए ताकि किसी और कि जान न जाये।
उनके बड़ा बेटा फौज में है और छोटे बेटा फरमान जो फौज में भर्ती होने के लिये चुन लिया गया था उसकी मृत्य रहस्यमयी तरीके से हुई है और पोस्टमॉर्टेम को छोड़कर और कोई पुख्ता सबूत नही है इसलिये इसकी जाँच सीबीआई से कराई जाये कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं।
भिवंडी महानगरपालिका और कांट्रेक्टर के विरुद्ध मर्डर यानी खून करने का मुकदमा चलाया जाये और उन्हें इसकी सजा दी जाये।

आज अगर फरमान जिंदा होता तो भविष्य में देश का सैनिक बनकर देश की सुरक्षा में अपना तन मन धन न्यौछावर करता। लेकिन वह भिवंडी महानगरपालिका और कांट्रेक्टर की लापरवाही की भेंट चढ़ गया। और इस तरह “डूब गया भविष्य का फौजी।”