कैसे बीजेपी कर सकती है 545 सीटों पर कब्जा

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कैसे बीजेपी कर सकती है 545 सीटों पर कब्जा

2019 लोकसभा चुनावों को अगर देखा जाए यह चुनाव एक ऐतिहासिक चुनाव रहा है। इससे सबसे अजब बाद देखने यह मिली इस चुनाव में एमपी ने पीएम को नहीं चुना है बल्कि पीएम की छवि ने इन सभी एमपी को वन साइड जीत दिलाई है। मोदी अब देश भर में एक ऐसा ब्रांड बन कर उभर चुका है कि एक नया उम्मीदवार भी जो एमपी इलेक्शन के लिए खड़ा होता है वह जीत जाता है। कर्नाटक के तेजस्वी सूर्या की जीत इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है। इस उम्मीदवार के जीत का श्रेया भी नरेंद्र मोदी की इमेज को जाता है।

क्या होंगे वह सूत्र जिससे बीजेपी कर सकती है पूरे 545 सीट पर कब्जा

बचपन में हम सभी ने कई राजाओं की कथाएं सुनी है। इन कहानियों में राजा अपनी प्रजा के प्रति बहुत जागरूक हुआ करता था। राजा भली-भांति जानता था कि अगर राजा सीधे अपनी प्रजा से प्रश्न पूछेगा की आपको आपके राजा कैसे लगता है? तो कोई भी प्रजा सीधे तौर पर राजा से स्पष्ट रूप में कभी जवाब नहीं दे सकता क्योंकि प्रजा को इस बात का डर होता है कि अगर वह राजा के विरोध में मुंह खोलेगा तो उसे राजा के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है। राजा यह बात बहुत अच्छे से जानता था कि उसकी प्रजा राजा की कमी कुशासन वाली नीतियों को कभी स्पष्ट रूप से राजा के समक्ष नहीं रख सकता। मगर राजा को यह जानना बहुत ही आवश्यक होता है क्योंकि अगर राजा इस पर ध्यान नहीं देता तो यही प्रजा कि निराशा राजा की सत्ता परिवर्तन के लिए जिम्मेदार होगी। इसलिए राजा अपना वेश बदलकर अपनी प्रजा के बीच जाकर अपनी प्रजा की समस्या, निराशा को एक आम नागरिक बनकर समझता था। समस्या को जानकर राजा उसे निपटाने का 100% प्रयास करता था। यही नीति से वह राजा अपने प्रजा को खुश रखता था और हमेशा के लिए सत्ता पर बने रहता था।
यही पैंतरा अगर हमारे प्रधानमंत्री अपनाएं तो वह 545 सीटों पर निसंकोच सत्ता पर आएंगे और आने वाले सभी चुनाव आंखें मूंदकर उन्हें जीत हासिल होगी।

क्या होंगे वह सूत्र जिससे प्रधानमंत्री हमेशा सत्ता पर बने रहेंगे।

1) प्रधानमंत्री को एक प्रोजेक्ट शुरू करना होगा रिपोर्ट द वर्क एनोनिमसली।

2) इस प्रोजेक्ट के तहत हर लोकसभा क्षेत्र में सबसे निचले स्तर की समस्याओं को सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय पहचानी होगी। यानी लोगों की समस्या सीधे राजा तक पहुंचेगी।

3) अगर उस लोकसभा क्षेत्र का एमपी अगर काम करने में उदासीन होता है या और कोई कारणों से जनसमस्याओं पर ध्यान नहीं देता तो अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

4) जिन लोगों की समस्या उस एमपी द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता उस नागरिक को वह समस्या सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय भेजनी होगी।

5) इस प्रोजेक्ट में शिकायतकर्ता का नाम गुप्त रखा जाना चाहिए ताकि उस नागरिक को स्थानिक एमपी तकलीफ ना दे।

6) शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय को पहुंचते ही पीएमओ और स्थानिक एमपी में समस्याओं को लेकर चर्चा और समाधान दोनों होना चाहिए।

7) इस प्रोजेक्ट से दोनों एमपी एवं पीएमओ की छवि और मजबूत होगी।

8) इस प्रोजेक्ट से गवर्नेंस में पब्लिक पार्टिसिपेशन में वृद्धि होगी।

9) देश की जनता निराशारहित होकर राजा को अजरामार सत्ता पर विराजमान होने में मदद करेगी।

10) ओप्पोसिशन के पास कोई मुद्दा नहीं होगा क्योंकि समस्या सीधे जनता देश के राजा तक पहुंचाएगी।

11) कोई भी अदृश्य विदेशी ताकतें से निराश जनता को कभी बरगला नहीं सकती।

12) देश को विश्व गुरु होने से कोई नहीं रोक सकता।

ब्यूरोक्रेसी में भी लाना होगा बदलाव

आज जनता अपनी समस्याओं को लेकर नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों के पास सबसे प्रथम अपनी शिकायत को निवारण करने के लिए जाती है। मगर कुछ अधिकारी इन शिकायतों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते। इसमें दो बातें सामने आती है। पहली बात उन अधिकारियों का काम के प्रति उदासीनता। ऐसे अधिकारियों की उदासीनता से ही लोगों का सरकारों पर से भरोसा उठ जाता है क्योंकि शिकायत को लेकर जनता को बार-बार लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसलिए मौजूदा सरकार को ऐसे ब्यूरोक्रेसी पर ठोस कदम उठाना चाहिए। अगर शिकायत को समय सीमा पर पूरा नहीं किया जाता तो उस अधिकारी का तबादला या फिर सस्पेंशन ना करते हुए सीधे नौकरी से बेदखल कर देना चाहिए।
दूसरा कारण है राजकिय हस्तक्षेप। ऐसे मामलों में कई बार देखा गया है की अधिकारी किसी शिकायत को लेकर इसलिए उदासीन होता है क्योंकि उस मामले में राजकीय हस्तक्षेप होता है। इसलिए ऐसे अधिकारियों पर राजकीय दबाव होने के वजह से वह जनता की शिकायत पर हरकत में नहीं आता। ऐसे में अधिकारियों को भी एक्शन लेने में फुल पावर की जरूरत होती है।इसलिए ईमानदार अधिकारियों का तबादला सीधे राष्ट्रपति के द्वारा ही होना चाहिए। राजकीय नेता को ऐसे तबादले वाले अधिकारों से वंचित रखना चाहिए।
अगर मौजूदा सरकार ब्यूरोक्रेसी पर नजर रखती है तो आनेवाले कई इलेक्शन बीजेपी सत्ता पर बनी रह सकती है।और सभी 545 सीट्स पर अपनी बादशाहत कायम रख सकती है।

 

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