क्या रामचिरैया भारत वापस आ रही है?

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क्या रामचिरैया भारत वापस आ रही है?

 

ठेठ भाषा में किंगफिशर नाम के पक्षी को रामचिरैया भी कहा जाता है। हिंदुस्तान में रामचिरैया यानी कि किंगफिशर शब्द का दूसरा नाम या पर्याय विजय माल्या भी है। यह वही विजय माल्या है जो बैंकों के तकरीबन 9000 करोड़ रुपए ले कर विदेश भाग गए थे आसान भाषा में कहा जाए तो बैंकों को चुना लगा गए थे। लेकिन क्या चुना अकेला विजय माल्या ने लगाया नही चूना सब ने लगाया बैंकों के अधिकारियों ने, मंत्रियों ने, और विजय माल्या ने। जो हमारी “यह दिल मांगे मोर” वाली लालच की धारणा है जिसमें हम पैसे के पीछे भागते हैं चाहे जितना कमा ले इसी धारणा ने इस देश का बंटाधार किया है, दिन-रात खटकर अपनी गाढ़ी कमाई बैंकों में जमा करवाने वाली जनता को सब ने मिलकर चूना लगाया है।

जब विजय माल्या देश छोड़कर भाग गए थे तो कांग्रेस आरोप लगाती रही की मोदी सरकार ने विजय माल्या को भगाया। वही दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस को विजय माल्या को अंधाधुन्द लोन देने के लिये कोसती रही। इस वाकये के बाद दोनों ही राजनीतिक दलों की किरकिरी हुई। विजय माल्या के बाद मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के देश छोड़ने पर भी जमकर बवाल काटा गया और देश की जनता इन घटनाओं से क्रोधित हो उठी।

जनाक्रोश को देखते हुये भारत सरकार हरकत में आई और विजय माल्या को भारत लाने की कोशिश तेज हुई। भगोड़ों को लेकर राजनीति अपनी जगह चलती रही और भगोड़ों को देश लाने का काम अपनी जगह चलता रहा। भारत सरकार को पहली कामयाबी मिशेल के रूप में मिली और दूसरी कामयाबी शायद विजय माल्या के रूप में मिले। अब आप सोच रहे होंगे कि शायद क्यों? वह इसलिये कि, यूनाइटेड किंगडम के गृह सचिव श्री साजिद जावीद ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण के कागजात दस्तखत तो कर दिये हैं लेकिन, विजय माल्या के पास १४ दिनों की मोहलत है कि वह अपने प्रत्यर्पण के विरोध में अपील कर सकें। अगर भारत सरकार विजय माल्या को भारत लाने में कामयब हो जाती है तो यह मोदी सरकार के लिये बड़ी राहत साबित हो सकती है। भाजपा भी इसे मोदी सरकार की कामयाबी के तौर पर चुनावों में खूब भुनाने की कोशिश करेगी। यह प्रधानमंत्री के विदेश दौरों से सुधरे विदेशी संबंधों की बड़ी जीत भी होगी।

सूत्रों के अनुसार विजय माल्या के भारत आने पर शायद उन्हें उसी आर्थर रोड जेल में रखा जा सकता है जहाँ 26/11 के आतंकवादी मुहम्मद अजमल कसाब को रखा गया था। खैर चाहे जो भी जनता के मन मे यह सवाल अभी भी प्रबल है “क्या रामचिरैया भारत वापस आ रही है?”