महज 1 रुपए से हिंदुओं का जीवन बदल जायेगा …

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महज 1 रुपए से हिंदुओं का जीवन बदल जायेगा …

आज देश मे हिंदू बहुसंख्यक होने के बाद भी अल्पसंख्यक जैसी जिंदगी गुजार रहा है कारण है हिंदुओं का आर्थिक पतन। हिंदू आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण आज दर दर की ठोकरे खा रहा है। वैसे कुछ हिंदू आर्थिक रूप से काफी मजबूत है मगर वे कम्युनिटी लाइन्स पर नहीं.. वह मजबूती सिर्फ वैयक्तिक रूप में होती है जिसमे वह अपनी अर्थ व्यवस्था अपने बच्चे और आनेवाली 10 पीढ़ीयो के लिए करके रखता है। कम्युनिटी के लिए शायद ही कोई योगदान देता हो।सेंट्रलाइज्ड हिंदू अर्थव्यवस्था नहीं होने के कारणों से आर्थिक रूप से हिंदू कई जगहों पर न्याय के लिए ठोकरे खाता है।
भारत में लगभग आज 78% हिंदू है। अर्थात भारत मे लगभग 100 करोड़ हिंदू है।अगर हर हिंदू अपने घर के गुल्लक में 1 रुपए मात्र के हिसाब से भी अगर अपने धर्मरक्षा हेतु धर्मनिधि अपने कम्युनिटी के लिए रखता है तोह हिंदू प्रतिदिन 100 करोड़ की धनराशि खड़ी कर सकता है।आचार्य चाणक्य जी ने भी कई वर्षों पहले कहा अर्थस्य मूल धर्म याने धर्म की ताकत ही अर्थ में होती है। इतनी बड़ी धनराशि से कई बड़े बदलाव लाया जा सकता है। यह 1 रुपए का निर्णय हिंदु कम्युनिटी के लिए पूरे देशभर में गेम चेंजर साबित हो सकता है।
प्रतिदिन 1 रुपए के हिसाब से हर रोज 100 करोड़ का बजट बन सकता है। यानी हर माह 3000 हज़ार करोड़ का बजट बन सकता है। सालाना यह बजट 36,000 करोड़ का बन सकता है।

क्या क्या हो सकता है इस बजट से फायदा ..?

इस बजट से कई विभागों में हिंदू कम्युनिटी पर खर्च कर सकते हैं।

1) गुरुकुल शिक्षा पद्धति

2) हिंदू कम्युनिटी की आवाज़ के लिए स्वतंत्र मीडिया

3) हिंदू लीगल सेल

4) हिंदू विद्यार्थियों को अलग अलग क्षेत्र के लिए स्कालरशिप

5) हिंदुओं का स्वतंत्र प्रोडक्शन हाउस जिसमे अलग अलग डॉक्यूमेंटरीज़ और फ़िल्म बनाई जा सके।

6) हर गांव में कम्युनिटी सेंटर जहां अलग अलग कार्यक्रम किए जा सकते हैं जैसे विवाह , मुंडन , आदि।

7) मंदिर निर्माण करना

8) अनाथ , विधवा एवं बूढ़े बुजुर्गों के लिए आश्रम

कैसे होगा यह कार्य मुमकिन ?

यह 1 रुपए किसी एक राष्ट्रीय संघटन को अर्पण करें मगर उसी राष्ट्रीय संघटन को अर्पित करें जिसके डीड्स में यह 8 पॉइंट प्रोग्राम हो। पूरे देश में कुल 36000 हज़ार करोड़ का बजट बनता है।और पूरे देश में 750 जिले है।अगर 36000 करोड़ राशि को 750 जिलों में वितरित किया जाए तो हर जिले को हर साल 48 करोड़ की राशि उपलब्ध होगी। इस 48 करोड़ से पूरे 8 पॉइंट प्रोग्राम खड़े किए जा सकते हैं। इतनी बड़ी सालाना अर्थव्यवस्था से हिंदुओं की लगभग हर समस्या दूर हो सकती है और बहुसंख्यक होने के बावजूद लाचारी की जिंदगी नहीं जी पायेगा।

 

 

 

Blog : By anonymous

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