मुस्लिम बच्चों को पाकिस्तान चले जाने की खबर का सच …

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   मुस्लिम बच्चों को पाकिस्तान चले जाने की खबर का सच …

मुस्लिम बच्चों को पाकिस्तान चले जाने की खबर का सच …

मिड डे में एक छपे वृत्त में यह बताया गया है कि मुस्लिम बच्चों को विद्यालय में पाकिस्तान चले जाने की बातो का सामना करना पड़ रहा है। यह मामले तब से हो रहे हैं जबसे भारतीय वायु सेना सरहद पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक कर आई है। 26/11 की आतंकी हमलों के कई वर्षों बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर पहली बार 300 आतंकियों को उनके शिविरों में नष्ट किया है। इस बात को लेकर लोगों में खुशी की लहर है। अभिनंदन वर्थमान के वतन वापसी के बाद देश भर में जश्न का माहौल बन चुका था। पूरे देश में सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना निर्माण हुई।
वहीं दूसरी तरफ देश भर में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। सभी गिरफ्तारियों की मुख्य वजह सैनिकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी है। राजकीय टिप्पणी तक बात ठीक है लेेकिन सैनिकों पर ऐसी अपमानजनक टिप्पणी क्यों?
एंटी सोल्जर याने सैनिकों के खिलाफ की भावनाओं का स्रोत कौन है ऐसा क्यों हो रहा है? यह बहुत ही गंभीर विषय है जिसपर कोई मीडिया चर्चा करना नहीं चाहता ।
मिडडे में छपी वन साइडेड लेख से अल्पसंख्यकों एवं बहुसंख्यकों के बीच एक अविश्वास निर्माण हो सकता है, बल्कि देश ने यह देखा है कि हर भारतीय अपने वतन के लिये अपने सैनिक अभिनंदन के लिये चिंतित था। लेकिन जब कोई भारतीय सैनिकों पर सवाल खड़ा करता है या उनका विरोध करता है तो, सैनिकों के प्रति असंवेदनशीलता और पाकिस्तान के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर पर आखिर कोई मीडिया सवाल क्यों नहीं खड़ा करती?
यदि कोई भारतीय जब जवानों पर अपमान जनक टिप्पणी के करने वाले के खिलाफ केस दायर करते हैं तो उनपर हायपर नेशनलिज्म का टैग लगाया जाता है। क्या सैनिकों पर टिप्पणी करना राष्ट्रवादी विचारधारा है?
पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल पर भी एक डिबेट के दौरान भारत के 30 करोड लोगों को इस्लाम के नाम पर खड़े करने की पुष्टि हुई है। आई एस आई देशभर में धर्म के नाम पर एंटी सोल्जर फीलिंग, प्रोपाकिस्तानी शिल्ड बनाने में लगातार कामयाब होते नजर आ रही है। भले ही पाकिस्तान सीधे तौर पर भारत के आगे जंग में टिक नहीं पा रहा है पर भारत के अंदर बहुत ही शक्तिशाली पैड आई एस आई के एजेंडे पर फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की आड़ में अपनी जगह बना चुका है। पाकिस्तान, भारत के कानूनी दाँव पेंच बहुत अच्छे से समझता है। पाकिस्तान जानता है कि भारत सरकार इस तरह की मीडिया पर सख्ती नही कर सकती है। अगर करती भी है तो “Democracy is in Danger in India” पर अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ बन जाती हैं।