पाकिस्तान में 14 फरवरी ‘वैलेंटाइन डे ‘के बदले में मनाया जाएगा ‘बहन दिवस ‘

1
158

पाकिस्तान में 14 फरवरी ‘वैलेंटाइन डे ‘के बदले में मनाया जाएगा ‘बहन दिवस ‘

पाकिस्तान में 14 फरवरी ‘वैलेंटाइन डे ‘के बदले में मनाया जाएगा ‘बहन दिवस ‘

फैसलाबाद के कृषि विश्वविद्यालय के चांसलर जफर इकबाल रंधवा ने इस्लामिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के लिए 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के बदले में सिस्टर्स डे यानी बहन दिवस मनाने की घोषणा की है। वेलेंटाइन डे यह पाश्चात्य संस्कृति है और इसकी इस्लामिक परंपरा में कोई जगह नहीं है। रंधवा का मानना है वेलेंटाइन डे को पाकिस्तान के मुसलमानों ने धमकी के रूप में बदल दिया है। ऐसा न करते हुए इसे इस्लामिक परंपराओं से जोड़कर उसे एक अवसर में बदल देना चाहिए।
‘बहन दिवस’ के रूप में महिला छात्रों को उपहार के रूप में स्कार्फ या अबायाह देने की घोषणा की है। ‘बहन दिवस ‘  मनाने से लोगों को यह एहसास होगा कि पाकिस्तान में बहनों को कितना प्यार मिलता है।
आपको बता दें इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने 2017 और 2018 में सभी वेलेंटाइन डे के समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया था। उच्च न्यायालय ने सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को वैलेंटाइन डे के प्रचार पर रोक लगा दी थी।
2016 में राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने भी पाकिस्तानियों से आग्रह किया था कि वैलेंटाइन डे मुस्लिम परंपराओं का हिस्सा नहीं है बल्कि एक पश्चिमी नवाचार है। वेलेंटाइन डे का हमारी संस्कृति से कोई संबंध नहीं है और इसे टाला जाना चाहिए।
पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ मैं छपे इस लेख की भारत में चर्चा तेज हुई है और सराहना भी हो रही है। भारत में भी सोशल मीडिया एवं जमीनी स्तर पर कई ऐसे संस्कृतिरक्षक संगठन है जिन्होंने ‘वैलेंटाइन डे’ पर प्रतिबंध की मांग की थी। परम पूज्य आशारामजी बापू ने बी ‘वेलेंटाइन डे ‘को न मनाते हुए हिंदू समाज के लोगों से आग्रह किया था कि वह ‘वैलेंटाइन डे ‘दिन के बदले ‘मातृ पितृ पूजन दिवस’ मनाए। यह करने से हमारे बच्चों का और नौजवानों का ध्यान पश्चिमी संस्कृति से हटकर हमारी अपनी संस्कृति से लग जाएगा। सोशल मीडिया पर भी चर्चा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने 14 फरवरी को ‘मातृ पितृ पूजन दिवस ‘को औपचारिक रूप से घोषित कर देना चाहिए ।