पत्रकार वसुधा वेणुगोपाल का विवादित ट्वीट के कारण सोशल मीडिया में आक्रोश

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पत्रकार वसुधा वेणुगोपाल का विवादित ट्वीट के कारण सोशल मीडिया में आक्रोश

फ्रीडम ऑफ स्पीच में किसी भी धर्म को अपमानित करने का है प्रावधान

इकोनामिक टाइम्स की पत्रकार वसुधा वेणुगोपाल ने बहुत ही विवादित बयान दिया है। यह बयान प्रशांत कनोजिया की गिरफ्तारी को लेकर दिया गया था। वसुधा वेणुगोपाल ने ट्वीट कर कहा
“Some people are citing Prashant Kanaujiya tweet on saints and Hindu rituals to justify his arrest. This is the land of periyars. Freedom of speech includes the freedom to insult religions.All religions”.
उनका कहना है कि कुछ लोग पत्रकार प्रशांत कनोजिया गिरफ्तारी को उनके साधु-संतों पर दिए गए ट्वीट को जोड़ कर देख रहे हैं। वसुधा वेणुगोपाल का कहना है यह भूमि पेरियार की भूमि है। फ्रीडम ऑफ स्पीच में आप किसी भी धर्म का अपमान करने के लिए प्रावधान है।
वसुधा वेणुगोपाल के इस ट्वीट से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे ट्विटर पर उनके इस ट्वीट को लेकर काफी आक्रोश दिख रहा है। लोगों का कहना है कि किसी भी धर्म की कुरीतियों पर या अंधविश्वास पर सवाल जरूर खड़े करने चाहिए।मगर फ्रीडम ऑफ स्पीच से किसी भी धर्म का अपमान करने का अधिकार किसने दिया? उनके इस ट्वीट से सोशल मीडिया के लोगों तक गलत संदेश जा रहा है। उनके इस ट्वीट के मुताबिक आईपीसी सेक्शन 295 A या रासुका जैसी धारा साधारण जनमानस पर ही लागू होंगी।कुछ महीनों पहले कमलेश तिवारी पर मुस्लिम समुदाय को अपमानित करने के कारण यह धारा लगाई गई थी। क्या पत्रकारों को फ्रीडम ऑफ स्पीच के अधिकार के अंतर्गत अपमानित करने का लाइसेंस प्राप्त है ? अगर यही बात है तो सभी जनमानस पत्रकार बने और IPC सेक्शन 295A की धारा से बचे। ऐसे तीखे सवाल सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं।