पुलवामा हमला 2019 लोकसभा इलेक्शन से पहले ही क्यों ?

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पुलवामा हमला 2019 लोकसभा इलेक्शन से पहले ही क्यों ?

पुलवामा हमला 2019 लोकसभा इलेक्शन से पहले ही क्यों ?

कल हुए पुलवामा अटैक में हमारे 44 जवान शहीद हुए। हर भारतीय उनके परिवार के दुख में शामिल है। आज हम भी जो बेबाकी से लिख रहे है उसका श्रेय भी उन सैनिकों को जाता है।
पुलवामा में हुए आतंकी हमलों के कारण पूरा देश शोकांकित है। व्हाट्सएप्प से लेकर फेसबुक तक श्रद्धांजलि की सुनामी आ चुकी है। ऐसा पहली बार हुआ है भारत के इतिहास में की इतने बड़े पैमाने पर लोगो ने अपने डीपी पिक्चर्स हटाकर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की हो।

यह देशभक्ति का एक कारण उरी द सर्जिकल स्ट्राइक फ़िल्म भी है। इस फ़िल्म से देश के नागरिकों में एक अजब जोश देखने को मिला है। फ़िल्म का मानव जीवन मे बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक परिणाम होता है। पुलवामा अटैक के पश्चात यह देशभक्ति देखने मिली है।

पुलवामा अटैक पाकिस्तान की मास्टर स्ट्रेटेजी है। क्या है स्ट्रेटेजी ?

1) Use the Uri Movie against the Government

उरी फ़िल्म में जो किरदार निभाए गए उसमे मोदी और अजित डोभाल मुख्य किरदार के रूप में है। भले ही लोगो ने विक्की कौशल को सराहा है, मगर सही मायने में उरी द सर्जिकल स्ट्राइक ने मोदी और अजित डोभाल को मुख्य रूप में दिखाया है।

यही कारण है पाकिस्तान बौखला गया था क्योंकि, इस फ़िल्म में पाकिस्तान को शर्मिंदगी महसूस होने लगी थी। पाकिस्तान भलीभांति जानता है की अगर मोदी को हटाया नही गया तो अगले सर्जिकल स्ट्राइक के लिए पाकिस्तान बच नही पायेगा ।इसलिए पाकिस्तान ने उरी फ़िल्म को मोदी के खिलाफ ही इस्तेमाल करने का फैसला लिया। इसलिए अगर उरी फ़िल्म ने उन्हें प्रसिद्धि दिलाई है तोह यह फ़िल्म ही उन्हें सत्ता से उतारेगी यह पाकिस्तानी रणनीतिकार बहुत अच्छे से जानते है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद उन्होंने भी काफी शांति रखकर ठीक भारत के 2019 के लोकसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए अटैक किया है।

2) Use People’s emotions against the Government

इस अटैक के बाद पाकिस्तान जानता है कि भारत की जनता भावुक होती है और भावनाओं में बह जाती है।इस हमले में पाकिस्तान ने रिवर्स स्ट्रेटेजी खेली है। अब भावनाओं में बहकर लोग मोदी पर ही उल्टा दबाव बनाएंगे और सत्ता से उतारेंगे।बाकी कसर विरोधी पार्टी बड़े बखूबी से निभायेंगी।

 

3) Attack during Election period

पाकिस्तान चाहता तो सर्जिकल स्ट्राइक के तुरंत बाद जवाब दे सकता था मगर उन्हें मालूम है कि हमला कब, कहाँ, और कैसे करना है। इस अटैक का ज्यादा डैमेज सैनिकों को नहीं पहुँचाना था बल्कि केंद्र की राष्ट्रवादी सरकार जो बड़े बड़े फैसले बेबाकी और निडरता से लिये जा रहे थे उनको मुश्किल में डालना था।

Solution:

सभी जानते है कि सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ केंद की मोदी सरकार ही कर सकती है। इसलिए भारत के नागरिकों को अपने भावनाओं को सम्भालके रखना है क्योंकि, जल्दबाजी के निर्णय से कोई निष्कर्ष नहीं निकलता। भारत सिर्फ PERFECT TIMING का इंतज़ार कर रहा है क्योंकि, अब जो भी होगा वह भारत के बॉर्डर पर नही बल्कि पाकिस्तान के भीतर होगा ।

क्या करना होगा भारतीयों को ?

1) भारत के नागरिकों को UN (संयुक्त राष्ट्र) को ट्विटर पर पुलवामा हमले की खबर को टैग करे।

2) सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षो को ट्विटर के माध्यम से सभी ट्रेड रिलेशन खत्म करने की अपील करे।

3) अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में यह खबर पहुंचाए ।

4) सबसे अहम बात केंद्र की सरकार में विश्वास रखे क्योंकि सर्जिकल स्ट्राइक सिर्फ मोदी का नेतृत्व ही कर सकता है।

Posted By: Sandip Gaikwad (Not posted by Trueblitz.com)

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