सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बावजूद भुसावल पुलिस ने एफ आई आर कॉपी को अपने संकेतस्थल पर डालने में दिखाई उदासीनता 

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सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बावजूद भुसावल पुलिस ने एफ आई आर कॉपी को अपने संकेतस्थल पर डालने में दिखाई उदासीनता 

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार हर पुलिस स्टेशन में दर्ज होने वाली एफ आई आर कॉपी को अपने वेबसाइट पर प्रसिद्ध करना बंधन कारक होता है। बंधन कारक होते हुए भी भुसावल शहर, भुसावल तालुका, एवं भुसावल बाजार पेट में एफ आय आर कॉफी को प्रसिद्ध न करने की बात सामने आई है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडवोकेट श्री प्रकाश सालसिंगीकर ने इस बात की जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक को एक लिखित पत्र द्वारा सूचना दी है। एडवोकेट प्रकाश सालसिंगिकर का कहना है की जिला पुलिस अधीक्षक के अंतर्गत कुल मिलाकर 35 पुलिस स्टेशन आते हैं। मगर 3 पुलिस स्टेशन में एफआईआर कॉपी को अपलोड नहीं की गई है। भौगोलिक दृष्टिकोण से भी भुसावल शहर काफी छोटा क्षेत्रफल वाला शहर है। मगर इसके बावजूद एफ आई आर कॉपी को संकेत स्थल पर अपलोड नहीं की जाती है।

आखिर क्या है सर्वोच्च न्यायालय युथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया vs यूनियन ऑफ इंडिया जजमेंट ?

ऊपर दिए गए जजमेंट में सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी पुलिस स्टेशन को निर्देश दिए हैं। निर्देश कुछ इस प्रकार है।

1) हर पुलिस स्टेशन में एफ आई आर होने के 24 घंटे बाद एफ आई आर कॉपी को अपने संकेत स्थल यानी वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

2) अगर इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधा है तोह यह कालावधी 24 घंटो से लेकर 72 घंटे तक बढ़ाई जा सकती है।

3) 72 घंटे से ज्यादा का कार्यकाल अमान्य होगा।
कुछ संवेदनशील मामले जैसे पोकसो , इसर्जेंसी , यौन शोषण के मामले या टेररिस्ट एक्टिविटी जैसे गुनाह को इस निर्देश से दूर रखा गया है।

4) एफ आय आर कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करना है या नहीं इसका निर्णय सिर्फ डीवाईएसपी पद वाले अधिकारी या उनसे वरिष्ठ अधिकारी ही ले सकते हैं।

5) एफ आय आर प्रसिद्धि अगर नहीं की जाती तो यह सूचना संबंधित मजिस्ट्रेट को सूचित करना बंधन कारक होगा।

6) यह निर्देश दिनांक 15 नवंबर 2016 को पूरे देश भर में लागू हो चुकी है।