यूएस के नेशनल इंटेलिजेंस की भारत केे 2019 के  चुनाव अलर्ट की रिपोर्ट का पूरा सच…

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यूएस के नेशनल इंटेलिजेंस की भारत केे 2019 के  चुनाव अलर्ट की रिपोर्ट का पूरा सच…

नेशनल इंटेलिजेंस चीफ डायरेक्टर डैन कोट्स ने भारत को आगाह किया है भारत को 2019 चुनाव से पहले सांप्रदायिक दंगों का सामना करना पड़ सकता I
आखिर क्यों?

गोधरा कांड

2014 चुनाव से पूर्व से ही नरेंद्र मोदी सुर्खियों में रहे। 2002 के गोधरा कांड मामलों में भी सुप्रीम कोर्ट से उन्हें राहत मिली। उसके बावजूद वह काफी लोगों के निशाने पर रहे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के के बावजूद उन्हें कातिल कहा जाता था।

यूएस में विजा मिलने का विरोध..

जैसे ही नरेंद्र मोदी का नाम प्रधानमंत्री दावेदारी के लिए आगे आने लगा पूरे देश में सो कॉल्ड इंटेलेक्चुअल्स ने यूएस से वीजा नहीं मिलने की गुहार लगाई। उसकी छुपी वजह भी गोधरा कांड की थी। प्रधानमंत्री को किसी भी हालत में रोकना ही उनका मकसद था।

पाकिस्तान की घेराबंदी…

2014 के बाद जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने तब से ही पाकिस्तान के पसीने छुटने लगे।क्योंकि पाकिस्तान हिंदू राष्ट्रवाद को सत्ता में लाने के खिलाफ था। पाकिस्तान की लगातार घेराबंदी चाहे वह राजनीतिक हो या आर्थिक ,नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की आर्थिक कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान अपने जनता के लिए सरकारी पैसों से भी डैम का निर्माण नहीं कर पा रही है।

भारत में एनजीओ ,सिविल लिबर्टीज ग्रुप ,मीडिया एवं कुछ पॉलीटिकल पार्टी पर पाकिस्तान का विशेष ध्यान…

फर्स्ट रिपोर्ट ऑफ कमिटी ऑफ द होल (सीनेट ऑफ पाकिस्तान 2016 ) के एक डॉक्यूमेंट के अनुसार पॉइंट नंबर 8 एवं नंबर 9 में  भारत के मीडिया एनजीओ सिविल लिबर्टीज ग्रुप एवं कुछ पोलिटिकल पार्टीयों पर पाकिस्तान की विशेष नजर बनाए रखने का उल्लेख भी इसमें किया गया है।

यूएस के नेशनल इंटेलिजेंस की भारत केे 2019 के  चुनाव अलर्ट की रिपोर्ट का पूरा सच…

 

यूएस के नेशनल इंटेलिजेंस की भारत केे 2019 के  चुनाव अलर्ट की रिपोर्ट का पूरा सच…

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारधारा को टारगेट करना…

नरेंद्र मोदी को संघ परिवार से जोड़ा जाता है। पाकिस्तान भली भांति जानता है की मोदी का अस्तित्व संघ के कारण है। यही कारण है आई एस आई कई (ISI) संघ के नेतृत्व की हत्या कर सकती है। वैसे इस डॉक्यूमेंट में विचारधारा को टारगेट करने की बात की है। मगर जिस हिसाब से संघ एवं उसके उप शाखाएं जैसे विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के नेतृत्व की हत्याएं होती जा रही है इससे आई एस आई का हत्या में हाथ होना स्वाभाविक रूप में सही माना जा रहा है।

मुस्लिम ,दलित ,सिख , क्रिश्चियन समुदाय एवं माओवादियों पर विशेष लक्ष..

इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (I P R I ) और इंस्टीट्यूट आफ रीजनल स्टडीज (IRS)ने अपने दो थिंक टैंक्स को भारत में माइनॉरिटी पर हो रहे अन्याय के लिए नियुक्त किया है।इनका मुख्य काम है माइनॉरिटीज फॉल्ट लाइन्स को हाईलाइट करना।

ऊपर दिए गए तथ्यों से यह बात बिल्कुल साफ है कि पाकिस्तान मोदी सरकार को गिराने में अपना पूरा बल लगा रहा है। क्योंकि पाकिस्तान जानता है अगर मोदी फिर सरकार बनाने में सफल हुआ तो पाकिस्तान की बर्बादी निश्चित है। इसलिए ISI हर उस आंदोलन को हवाले से फंडिंग करा रहा है जिससे जो वर्ग मोदी से नाराज है हो वह बगावत करके 2019 का तख्ता पलट किया जा सके। ISI के छिपे हाथ होने का भारतीय आंदोलनकारियों को थोड़ी भी कल्पना नही होती और उसकी भनक तक नही लगने दिया जाता।